गीत ग़ज़ल और माहिए ------
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गुरुवार, 14 अप्रैल 2016
चन्द माहिया : क़िस्त 031
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माहिया : क़िस्त 031 ओके :1: माना कि तमाशा है कार-ए-जहाँ में सब फिर भी इक आशा है :2: दरपन तो दरपन है झूठ नहीं बोले जो बोल रहा मन है...
बुधवार, 23 मार्च 2016
गीत 034 : होली पर एक भोजपुरी गीत...
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गीत 034 होली पर सब मनई के अडवान्स में बधाई ...... होली पर एक ठे ’भोजपुरी’ गीत रऊआ लोग के सेवा में .... नीक लागी तऽ ठीक , ना नीक लागी तऽ ...
सोमवार, 21 मार्च 2016
चन्द माहिया : क़िस्त.33
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चन्द माहिया : ..33 ओके :1: भर दो इस झोली में प्यार भरे सपने इस बार की होली में :2: मारो ना पिचकारी कोरी है अब तक तन की मे...
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