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गुरुवार, 22 जनवरी 2026
ग़ज़ल 460 [34-जी] : उसके ज़ौर-ओ-ज़फ़ा में वो शिद्दत नहीं
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ग़ज़ल 460 [34-जी] : उसके ज़ौर-ओ-ज़फ़ा में वो शिद्दत नहीं 212---212---212--212 उसके ज़ौर--ज़फ़ा में वो शिद्दत नहीं , क्यों न समझूँ कि अब वो मुहब्बत...
मंगलवार, 20 जनवरी 2026
"वह दिन" [उपन्यास]--एक समीक्षा--लेखक संजीव गुप्त
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"वह दिन" [उपन्यास]--एक समीक्षा लेखक : संजीव गुप्ता समीक्षक ; आनन्द पाठक ’आनन’ --- --- पिछले वर्ष ,नवम्बर 2025 में, मैं अपने ग...
शुक्रवार, 16 जनवरी 2026
गीत 094: 26-जनवरी गणतन्त्र दिवस
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26 जनवरी-गणतन्त्र दिवस है मुक्त गगन, अपना विहान, भरते रहते नित नव उड़ान ,गणतन्त्र दिवस, गणतन्त्र दिवस। हम नई चेतना के वाहक, हम विश्व शान...
मंगलवार, 13 जनवरी 2026
अनुभूतियाँ 191/78
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अनुभूतियाँ 191/78 :1: दिल से जब दिल बातें करता फिर काहे की पर्दादारी । दुनिया वाले करा करेंगे दिल पर कब तक पहरेदारी। :2: मेरी सीधी सच्ची बा...
रविवार, 11 जनवरी 2026
अनुभूतियाँ 190 /77
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अनुभूतियाँ 190/77 :1: उतर गया हो मन से कोई कैसे मन में उसे बसाऊँ । टूट गया जब दिल ही मेरा प्रेम गीत कैसे मैं गाऊँ । :2: लोग हमे समझाने आए...
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