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शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2026

मुक्तक 023

 मुक्तक 023

:1:

 मन से मैने तुमको
बस अपना माना है
मैं हूँ तेरी ’राधा’
तू मेरा ’कान्हा’ है ।

:2:
रंग अबीर गुलाल लगाए
होली के हैं शुभ दिन आए
भूल सभी रंजिश की बातें
दिल मस्ती  में झूमे गाए ।

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