1 टूटा जो खिलौना है ये तो होना था किस बात का रोना है ?
2 नाशाद है खिल कर भी प्यासी है नदिया सागर से मिल कर भी
3 कुछ दर्द दबा रखना मोती-से आँसू पलकों में छुपा रखना 4 इतना तो बता देते क्या थी ख़ता मेरी ? फिर जो भी सज़ा देते 5 बस हाथ मिलाते हो एक छलावा सा रिश्ता न निभाते हो सं 21-10-20 x
आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 17-12-2015 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2193 में दिया जाएगा
जवाब देंहटाएंआभार
aap ka bahut bahut dhanyavaad
जवाब देंहटाएंsaadar
anand pathak