गीत ग़ज़ल और माहिए ------
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बुधवार, 13 फ़रवरी 2013
एक ग़ज़ल 039[54 A] : आप धरती पर उतर आते...
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Ghazal 039 [ 54 A ] ओके ग़ज़ल 39 [54]: आप मुझको साथ में पाते-- बह्र-ए-रमल मुसद्दस मक़्लूअ’ महज़ूफ़ 2122---2122-----2- ---------------------...
रविवार, 10 फ़रवरी 2013
एक ग़ज़ल 038 [56 A]: बदली हुई है आप की
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ग़ज़ल 038[56 A] ओके बह्र-ए-मुज़ारे’ मुसम्मन अख़रब मक्फ़ूफ़ महज़ूफ़ मफ़ऊलु---फ़ाइलातु---मुफ़ाईलु--फ़ाइलुन 221---------2121-------1221-------2122 ---...
मंगलवार, 5 फ़रवरी 2013
गीत 043 : कल्पनाऒ में जब तुम....
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एक गीत 043 : कल्पनाऒं में जब तुम.... कल्पनाओं में जब तुम उतरने लगी कितने सपने सजाता रहा रात भर झीनी घूँघट जो डाले थिरकती हुई सामने तुम...
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