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मंगलवार, 13 जनवरी 2026

अनुभूतियाँ 191/78

अनुभूतियाँ 191/78

:1:
दिल से जब दिल बातें करता
फिर काहे की पर्दादारी ।
दुनिया वाले किया करेंगे
दिल पर कब  तक पहरेदारी।

:2:
मेरी सीधी सच्ची बातें
क्यों लगती हैं तुमको झूठी
ग़ैरों की बातों में आकर
क्यों रहती हो रूठी रूठी ।

:3:
वादे तो सब ही करते हैं
साथ निभाने का जीवन भर
मतलब जब  पूरा हो जाता
नहीं देखते वो फिर मुड़ कर। 

:4:
छोड़ो ! क्या करना है तुमको
सुन कर मेरी राम कहानी ।
जैसी सब की, वैसी मेरी
मिलन, विरह, आँखों मे पानी।

-आनन-

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