गुरुवार, 14 अप्रैल 2016

चन्द माहिया : क़िस्त 031

माहिया : क़िस्त 031 ओके
:1:
माना कि तमाशा है

कार-ए-जहाँ में सब
फिर भी इक आशा है

:2:

दरपन तो दरपन है
झूठ नहीं बोले
जो बोल रहा मन है ?

:3:

छाई जो घटाएँ हैं
दिल है रिंदाना
बहकी सी हवाएँ  हैं

:4:

जितना देखा है फ़लक
 उतना ही उसकी 
आँखों में सच की झलक

:5:

 कैसा ये नशा ,किसका ?
किसने देखा है ?
एहसास है बस उसका


-आनन्द पाठक ’आनन’-

880092 7181



बुधवार, 23 मार्च 2016

गीत 034 : होली पर एक भोजपुरी गीत...

गीत 034

होली पर सब मनई के अडवान्स में बधाई ......

होली पर एक ठे ’भोजपुरी’ गीत रऊआ लोग के सेवा में ....
नीक लागी तऽ  ठीक , ना नीक लागी तऽ कवनो बात नाहीं....
ई गीत के पहिले चार लाईन अऊरी सुन लेईं

माना कि गीत ई पुरान बा
      हर घर कऽ इहे बयान बा
होली कऽ मस्ती बयार मे-
मत पूछऽ बुढ़वो जवान बा--- कबीरा स र र र र ऽ

अब हमहूँ 60-के ऊपरे चलत बानी..

भोजपुरी गीत : होली पर....

कईसे मनाईब होली ? हो राजा !
कईसे मनाईब होली..ऽऽऽऽऽऽ

आवे केऽ कह गईला अजहूँ नऽ अईला
’एस्मेसवे’ भेजला ,नऽ पइसे पठऊला
पूछा न कईसे चलाइलऽ  खरचा
अपने तऽ जा के,परदेसे रम गईला 

कईसे सजाई रंगोली?  हो राजा  !
कईसे सजाई रंगोली,,ऽऽऽऽऽ

मईया के कम से कम लुग्गा तऽ चाही
’नन्हका’ छरिआईल बाऽ ,जूता तऽ चाही
मँहगाई अस मरलस कि आँटा बा गीला
’मुनिया’ कऽ कईसे अब लहँगा सिआई

कईसे सिआईं हम चोली ? हो राजा !
कईसे सिआईं हम चोली ,,ऽऽऽऽऽऽऽ

’रमनथवा’ मारे लाऽ रह रह के बोली
’कलुआ’ मुँहझँऊसा करे लाऽ ठिठोली
पूछेलीं गुईयाँ ,सब सखियाँ ,सहेली
अईहें नऽ ’जीजा’ काऽ अब किओ होली?

खा लेबों ज़हरे कऽ गोली हो राजा
खा लेबों ज़हरे कऽ  गोली..ऽऽऽऽऽ

अरे! कईसे मनाईब होली हो राजा ,कईसे मनाईब होली...

-आनन्द.पाठक ’आनन’-

880092 7181

शब्दार्थ [असहज पाठकों के लिए]
एस्मेसवे’ ==S M S
लुग्गा   = साड़ी
छरिआईल बा = जिद कर रहा है
मुँहझँऊसा = आप सब जानते होंगे [अर्थ अपनी श्रीमती जी से पूछ लीजियेगा]




सोमवार, 21 मार्च 2016

चन्द माहिया : क़िस्त.33


चन्द माहिया : ..33 ओके

:1:
भर दो इस झोली में
प्यार भरे सपने
इस बार की होली में

:2:
मारो ना पिचकारी
कोरी है अब तक
तन की मेरी सारी

:3:
रंगोली आँगन की
देख रही राहें
साजन के आवन की

:4:
मन ऐसा रँगा ,माहिया !
जितना मैं धोऊँ
उतना ही चढ़ा ,माहिया !

:5:
मुश्किल की पहल आए
सब्र न खो देना
इक राह निकल आए


-आनन्द.पाठक-
[सं 13-06-18]