हार कभी ना मानना, ना करना विश्राम
कष्ट मिटे, बंधन कटे, बोलो "जय श्री राम"
:2:
मंदिर मसजिद बाद मे, पहले मन की मान
मन के अंदर झाँक तो, खुद को तू पहचान
:3:
मिल जाएँगी मंजिले, मन मे हो गर चाह
दुखी विकल मत हो सखे!, जीने की सौ राह
:5:
कह 'आनन' क्यो कर रहा, आदर्शों की बात
सभी यहाँ तैयार हैं , करने को आघात