त्रिपदी 003
:1:
ढूँढ रहा है जिसको प्राणी
मंदिर,मसजिद ,गिरजाघर में
वो तेरे मन के अन्दर में ।
:2:
ये बस कहने भर की बातें
प्रेम हमारा नभ से ऊँचा
और समंदर से भी गहरा ।
प्रेम हमारा नभ से ऊँचा
और समंदर से भी गहरा ।
त्रिपदी 003
:2:
-आनन्द पाठक 'आनन’-
880092 7181