रविवार, 12 जुलाई 2026

चन्द माहिए 112/22

क़िस्त 112/22 : चन्द माहिए [ नोक-झोंक -2] 
1

बेबात का रगड़ा क्यों ?

हम तुम जब राजी

फिर व्यर्थ का झगड़ा क्यॊ ?

2

अच्छा जी, मियाँ, मजनू !

पिचके गालों पर

कितना है गुमाँ, मजनू !

3

सौगात में दिल अपना

देना है तुमको

मेरा है इक सपना

4

कुछ भी न मुझे सुनना

दो कौड़ी का दिल

लेकर भी क्या करना 


-आनन्द पाठक”आनन’
8800927181


शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

चंद माहिए 111/21 :

 चन्द माहिए  111/21 [ नोंक-झोंक -1]

:1:

तुम चाँद से भी सुंदर

झील सी हैं आँखें

तुमसे न कोई बेहतर 

:2:

मस्का न लगाओ जी

पहले घर जा कर

मुँह धोकर आओ जी 

:3:

मुझसे भी कभी जुड़ कर

दिल सच्चा मेरा

देखो तो ज़रा मुड़ कर

:4:

बनते हो दिलवाले

जान रहीं हूँ मैं

तुम हो दिल के काले

:5:

मैं चाँद भी ला दूँगा

और सितारे भी

जुल्फ़ों में सजा दूँगा

:6:

हट ! सोच बड़ी सस्ती

दाँत नहीं मुँह में

करने को चला मस्ती

-आनन्द पाठक”आनन’
8800927181


सोमवार, 8 जून 2026

दोहा 027 : सामान्य दोहे

:1:
झूठे सारे आँकड़े,  झूठी सारी बात ।
टी0वी0 पर करता बहस, चीख रहा दिन रात ॥

:2:
कुछ ऐसे भी लोग हैं बाबा और फ़क़ीर ।
डाल गले में घूमते, सोने की ज़ंजीर ॥