रविवार, 20 सितंबर 2026

फ़र्द अश’आर

 फ़र्द अश’आर 

:1:

221--2121---1221---212

चेहरे पे यह निक़ाब किसी काम का नहीं

सूरत तिरी बसी हुई मेरी  निगाह में ।

शनिवार, 12 सितंबर 2026

त्रिपदी 01

 त्रिपदी 01


:1:
प्यार मुहब्बत इश्क़ वफ़ा सब
सुनने  में लगता है अच्छा
कहाँ कभी मिलता है सच्चा ।


:2:
अपना दुख अपने सहने की
ढोने की सबकी लाचारी
बाक़ी तो सब दुनियादारी 

-आनन्द.पाठक ’आनन’-

रविवार, 12 जुलाई 2026

चन्द माहिए 112/22

क़िस्त 112/22 : चन्द माहिए [ नोक-झोंक -2] 
1

बेबात का रगड़ा क्यों ?

हम तुम जब राजी

फिर व्यर्थ का झगड़ा क्यॊ ?

2

अच्छा जी, मियाँ, मजनू !

पिचके गालों पर

कितना है गुमाँ, मजनू !

3

सौगात में दिल अपना

देना है तुमको

मेरा है इक सपना

4

कुछ भी न मुझे सुनना

दो कौड़ी का दिल

लेकर भी क्या करना 


-आनन्द पाठक”आनन’
8800927181