शनिवार, 12 सितंबर 2026

त्रिपदी 01

 त्रिपदी 01


:1:
प्यार मुहब्बत इश्क़ वफ़ा सब
सुनने  में लगता है अच्छा
कहाँ कभी मिलता है सच्चा ।


:2:
अपना दुख अपने सहने की
ढोने की सबकी लाचारी
बाक़ी तो सब दुनियादारी 

-आनन्द.पाठक ’आनन’-