रविवार, 19 मई 2024

ग़ज़ल 370 [41F]: मेरे सवाल का अब वो जवाब


ग़ज़ल 370 [41F]

1212----1122---1212---22


मेरे सवाल का अब वो जवाब क्या देगा 
इधर उधर की सुना कर उसे घुमा देगा

वो अपने आप को शायद ख़ुदा समझता है
यही नशा है जो, इक दिन उसे डुबा देगा ।

यह बात और की है, आप क्यों परीशाँ  है
ये वक़्त ही है जो सबको सबक़ सिखा  देगा ।

हुनर कमाल का उसका, न कोई सानी है
नहीं हो आग जहाँ, वह धुआँ उठा देगा ।

वही है मुफ़्त की बिजली वही चुके वादे
घिसे पिटे से हैं नारे, नया वो क्या देगा ।

जुबान पर है शहद और सोच में फ़ित्ना 
खबर किसी को न होगी वो जब दग़ा देगा ।

अब उसकी बात का ’आनन’ बुरा भी क्या माने
सिवा वो झूठ के दुनिया को और क्या देगा ।


-आनन्द.पाठक -

सं 30-06-24



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