मित्रो !
इसी मंच पर मेरे नवीनतम ग़ज़ल संग्रह ’ अभी संभावना है -" पर आ0 रामअवध विश्वकर्मा जी की समीक्षा 22 दिसम्बर 25 को आप ने मेरे फ़ेसबुक वाल पर पढ़ी थी और लोगो ने सराहा भी था।
वही समीक्षा राम अवध जी ने प्रकाशनार्थ एक हिंदी दैनिक "देश पथ ’ [ लखनऊ ]
को भेज दिया था जो दिनांक 07-जनवरी-2026 प्रकाशित भी हो गई।
इस पत्र का पी0डी0एफ़0 फ़ाइल इस मंच पर लगा रहा हूँ । यदि आप आवश्यक समझे तो उक्त समीक्षा यहाँ पढ़ सकते है। साथ ही इसका कुछ भाग आप के अवलोकनार्थ भी लगा रहा हूँ|
https://www.akpathak.co.in/2026/01/07-2026.html
[ आप इस समीक्षा को मेरे व्यक्तिगत ब्लाग पर सही फ़ार्मेट मे पढ़ सकते है
इस सत्कार्य के लिए आ0 राम अवध विश्वकर्मा जी को और सम्पादक दैनिक ’देशपथ’[ लखनऊ] को बहुत बहुत धन्यवाद।
सादर
-आनन्द पाठक ’आनन’




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