मित्रो !
इसी मंच पर मेरे नवीनतम ग़ज़ल संग्रह ’ अभी संभावना है -" पर आ0 रामअवध विश्वकर्मा जी की समीक्षा 22 दिसम्बर 25 को आप ने पढ़ी थी और लोगो ने सराहा भी था।
वही समीक्षा राम अवध जी ने प्रकाशनार्थ एक हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र ’विश्व विधायक’ [ लखनऊ ] को भेज दिया था जो प्रकाशित भी हो गई।
इस पत्र का पी0डी0एफ़0 फ़ाइल इस मंच पर लगा रहा हूँ । यदि आप आवश्यक समझे तो उक्त समीक्षा यहाँ पढ़ सकते है। साथ ही इसका कुछ भाग आप के अवलोकनार्थ भी लगा रहा हूँ|


