गीत ग़ज़ल और माहिए ------
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गुरुवार, 1 जनवरी 2026
अनुभूतियाँ 186/73
अनुभूतियाँ 186/73
:741:
अर्ज़ किया है मैने तुमसे
चाहे मानो या ना मानो
कौन है अपना, कौन पराया
कम से कम इतना पहचानो ।
742:
प्रेम हमेशा रद कर देता
मतलब,स्वार्थ,ग़रज़, प्रत्याशा
प्रेम सदा समझा करता है
प्रेम समर्पण वाली भाषा ।
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