मंगलवार, 21 अप्रैल 2026

अनुभूतियाँ 194/81

 अनुभूतियाँ 194/81


:1:

एक बार जो आ जाओ तुम

सुख दुख की बातें करनी है

कुछ अपनी पीड़ा कहनी है

और तुम्हारी कुछ सुननी है ।