शनिवार, 25 मई 2019

चन्द माहिया : क़िस्त 57

चन्द माहिया : क़िस्त 57

1

वादा करना आसाँ
कौन निभाता है ?
ऎ ,मेरे दिल-ए-नादाँ

2
जब हो ही गए रुस्वा
छोड़ो जाने दो
अब क्या तुम से शिकवा


3
खुद को तो छुपा लोगी
ख़ुशबू जुल्फ़ों की
तुम कैसे छुपाओगी

4
ये ग़ैब अदा किसकी
दिल पे तारी है
हर साँस सदा किसकी

5
 हैं कितनों की ’’आसा-
-’राम” का नाम धरे
पर सोच ’करमनासा’

-आनन्द.पाठक-

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