गीत ग़ज़ल और माहिए ------
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गुरुवार, 14 अगस्त 2025
चंद माहिए 111/21
चन्द माहिए : क़िस्त 111/21
:1:
उस पार मेरा माही
टेरेगा जिस दिन
उस दिन तो जाना ही ।
:2:
जब दिल ही नहीं माना
क्या होगा लिख कर
कोई राजीनामा ।
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