रविवार, 12 जुलाई 2026

चन्द माहिए 112/22

क़िस्त 112/22 : चन्द माहिए [ नोक-झोंक -2] 
1

बेबात का रगड़ा क्यों ?

हम तुम जब राजी

फिर व्यर्थ का झगड़ा क्यॊ ?

2

अच्छा जी, मियाँ, मजनू !

पिचके गालों पर

कितना है गुमाँ, मजनू !

3

सौगात में दिल अपना

देना है तुमको

मेरा है इक सपना

4

कुछ भी न मुझे सुनना

दो कौड़ी का दिल

लेकर भी क्या करना 


-आनन्द पाठक”आनन’
8800927181


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