शनिवार, 19 दिसंबर 2020

चन्द माहिए : क़िस्त 88

 क़िस्त 88


1

अच्छा ही किया तुमने

गिरने से पहले

जो रोक लिया तुमने


2

यादों में बसा रखना

अपनी दुआओं में 

मेरी भी दुआ रखना


3

पहले न कभी पूछा

भूल गया हूँ मैं ?

ऐसा क्योंकर सोचा ?


4

कुछ बात अभी बाक़ी

अब भी आ जाओ

यह रात अभी बाक़ी


5

सब याद है जान-ए-जिगर

तुम ने निभाया जो

एहसान मेरे सर पर 


-आनन्द.पाठक--

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