गीत ग़ज़ल और माहिए ------
रिपोर्ताज
मुखपृष्ठ
अनुभूतियाँ
ग़ज़लें
कविताएँ
माहिए
गीत
रिपोर्ताज
दोहे
मुक्तक
विविध
मुक्तक
विविध
सोमवार, 8 जून 2026
दोहा 027 : सामान्य दोहे
:1:
झूठे सारे आँकड़े, झूठी सारी बात
टी0वी0 पर करता बहस, चीख रहा दिन रात
:2:
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें