रविवार, 20 सितंबर 2026

फ़र्द अश’आर

 फ़र्द अश’आर 

:1:

221--2121---1221---212

चेहरे पे यह निक़ाब किसी काम का नहीं

सूरत तिरी बसी हुई मेरी  निगाह में ।

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