गीत ग़ज़ल और माहिए ------
रिपोर्ताज
मुखपृष्ठ
अनुभूतियाँ
ग़ज़लें
कविताएँ
माहिए
गीत
रिपोर्ताज
दोहे
मुक्तक
विविध
मुक्तक
विविध
शनिवार, 10 अक्टूबर 2026
त्रिपदी 003
त्रिपदी 003
:1:
ढूँढ रहा है जिसको प्राणी
मंदिर,मसजिद ,गिरजाघर में
वो तेरे मन के अन्दर में ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें