रविवार, 20 सितंबर 2020

चन्द माहिए : क़िस्त 82

 क़िस्त 82 ओके
1
कलियों में है हलचल 
लहराया तुम ने
जब से अपना आँचल

2
मुझको तो भुला दोगे
पर  यादें मेरी
तुम कैसे मिटा दोगे ?

3
कैसे है शरमाना 
तुम से ही सीखा
कलियों ने इतराना

4
नैनों  में बसे कोई
प्यार नहीं सच्चा
जब दिल को रूचे कोई

5
गिन गिन कर रातें की
तनहाई में फिर
तसवीर से बातें की 
-आनन्द.पाठक-
सं 21-10-20

1 टिप्पणी:

Dr Archana Chaturvedi ने कहा…

बहुत सुंदर और उम्दा माहिया। बहुत-बहुत बधाई आपको।